सज-1

PJC प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए

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वेबिनार्स

 संजय रथ  31 मार्च 2015

पाराशर ज्योतिष कोर्स  वर्ष-1 के वेबिनार्स में आपका स्वागत है।

जब भी कोई वेबिनार होगा, हम इस पेज को अपडेट करते रहेंगे।
ऑनलाइन कक्षाएं ज़ूम या गोटू वेबिनार आदि सॉफ्टवेयर द्वारा पाठों के माध्यम से संचालित की जाती हैं।

आवश्यकतानुसार महीने में लगभग चार बार या उससे अधिक बार ट्यूटोरियल/वेबिनार आयोजित किया जाएगा। कुछ ट्यूटोरियल उपलब्धता के अनुसार, मार्गदर्शक द्वारा भी संचालित किए जा सकते हैं ।

प्रत्येक वर्ष कम से कम 10 दिनों की एक संपर्क कक्षा भी होगी। ट्यूटोरियल और संपर्क कक्षा में उपस्थिति वैकल्पिक है। वार्षिक संपर्क कक्षा भारत में आयोजित की जाएगी।

समय-समय पर आपके प्रश्नों के उत्तर देने के लिए हमारा एक  फोरम या टेलीग्राम ग्रुप बनाया जायेगा जिसमे आपके प्रश्नो के उत्तर दिए जायेंगे ।

फोरम टेलीग्राम ग्रुप का उपयोग न केवल वेबिनार से संबंधित प्रश्न पूछने के लिए करें बल्कि उन नए प्रश्नों के लिए भी करें जो आपको पाराशर ज्योतिष कोर्स वर्ष-1 का अध्ययन करते समय आएँ।

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भावेश ( स्वर्ग ) लोक

 संजय रथ  15 अगस्त 2014

  स्वर्गलोक (उच्च लोक – नक्षत्र, तारे) से सम्बन्धित चार भाव धर्म (९), कर्म (१०), लाभ (११) और व्यय (१२)…

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भावेश-२ (भुव लोक )

 संजय रथ  3 अगस्त 2014

भुवः लोक (मध्य लोक – सौरमण्डल) से सम्बन्धित चार भाव हैं – सुत (५वाँ) जिसका अर्थ है सन्तान, शत्रु (६ठा), दारा (७वाँ) तथा मृत्यु (८वाँ)। इन शब्दों के अर्थ को भलीभाँति समझ लें, अन्यथा आप इन भावों का वास्तविक अर्थ कभी नहीं समझ पाएँगे। यह जानना अत्यन्त आवश्यक है कि जब किसी भाव का स्वामी किसी अन्य भाव में स्थित होता है, तब उसके फल कैसे विचारने चाहिए।