दीक्षा
मृत्युंजय मंत्र
त्र्यंबक्कं यजामहे सुगन्धिं पुष्टीवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्दनाम् मृत्योर्मोक्षीय मामृतात्॥
tryaṁbakkaṁ yajāmahe sugandhiṁ puṣṭīvardhanam|
urvārukamiva bandanām mṛtyormokṣīya māmṛtāt||
पराशर के पितामह महर्षि वशिष्ठ द्वारा सिखाए गए इस महामंत्र की सूक्ष्मताओं को समझना।
मृत्युंजय मंत्र दीक्षा |



