विशेष लग्न
विशेष लग्नों की गणना महर्षि पाराशर ने की है और हम ‘विशेष’ शब्द का अर्थ समझने से शुरुआत करते हैं जिसका अर्थ है विशेष, विशिष्टता वाला। ये विशेष लग्न, लग्न से इस मायने में भिन्न हैं कि इनमें एक समान गति से पूर्णतः वृत्ताकार गति होती है। लग्न की औसत गति के सापेक्ष यह गति ही उस भाव को निर्धारित करती है जिससे वे जुड़े होते हैं। उदाहरण के लिए, लग्न दिन के 24 घंटों में 12 राशियों का चक्कर लगाता है और इसकी ‘औसत गति’ 2 घंटे प्रति राशि होती है।



